
यह आपने जरुर सुना होगा
"वो पुछते हैं कि गालिब कौन है,
कोई बतलाए कि हम बतलाए क्या।"
यह बतलाने कि कोशिश मैंने कुछ इस तरह की;
कौन है गालिब ?
आशिक की वफा गालिब,
हुस्न की अदा गालिब,
मौहब्बत की गजल गालिब,
खामोशी की जुबाँ गालिब,
इश्क का सबक गालिब,
बेखुदी का सबब गालिब,
इकरार की हया गालिब,
इनकार की सजा गालिब,
महफिल की शमा गालिब,
तन्हाई की गुफ्तगु गालिब,
शायर का ख्याल गालिब,
सुखनवर का अंदाज गालिब,
मिलन की अरजू गालिब,
जुदाई का सरुर गालिब,
उस के दिल की बात गालिब,
मेरे दिल का राज गालिब,
और ज्यादा क्या कहूँ मैं
हम सबके दिल का हाल गालिब।
प्रवीण परिहार


